PM Kisan Farmer Producer Organizations 2022:FPO

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भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए एक अति महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की है PM Kisan Farmer Producer Organizations योजना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरुआत की गई इस योजना के तहत किसानों को भारत सरकार के रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनी द्वारा नियंत्रित होती हैं। इस कम्पनी अधिनियम के अर्न्तगत सरकार द्वारा अपने किसानों को भी अपनी स्वयं की कम्पनी बनाकर व्यवसाय करने का अवसर प्रदान किया जा सके।

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PM Kisan Farmer Producer Organizations (FPO):

आज यह धारणा प्रबल होती जा रही है कि खेती घाटे का सौदा है। अब प्रश्न उठता है कि बाजार में तो खाने पीने की चीजें जो दुकान से बिकती हैं काफी महंगी होती हैं और बनती तो किसान द्वारा किये गये उत्पादन से ही है। तो फिर किसान को अपने उत्पादन का लाभ क्यों नहीं मिलता है? इसका उत्तर है कि हमारे किसान भाई उत्पादक तो हैं लेकिन वह जागरूक होकर अभी उद्यमी या व्यवसायी नहीं बने हैं। खेती-बाडी में केवल अच्छा उत्पादन एवं उत्पादकता प्राप्त कर लेना किसान की आर्थिक समृद्वि की गारंटी नहीं है। किसानो को अपने उत्पाद का वाजिब मूल्य प्राप्त करने के लिए उत्पादन के बाद समुचित भण्डारण, मूल्य संवर्द्वन के लिए सफाई, छनाई, श्रेणी करण, प्रसंस्करण जैसे Fresh, Frozening, Drying, Powdering, Canning, Labelling और विपणन व्यवस्था पर ध्यान देना होगा। इसलिए किसानों के संगठित होने की आवश्यकता है। 

किसान को खेती बाड़ी में आने वाली प्रमुख समस्यायें निम्न हैंः

  1. किसानो के पास-छोटी-छोटी जाते हैं आने वाले समय में पीढी दर पीढी ये जोते और छोटी होती जायेंगी। छोटी जोत के कारण खेती बाडी के लिए सभी व्यवस्थाये करने में कठिनाई आती हैं।
  2. किसान के पास सीमित आर्थिक संसाधन या पूंजी की कमी के कारण सभी निवेशो की समय पर व्यवस्था करना कठिन होता है।
  3. किसान तक सूचना एवं तकनीकी का न पहुॅच पाना।
  4. स्थानीय स्तर पर भण्डारण, मूल्य संवर्द्वन एवं प्रसंस्करण की सुविधा का अभाव।
  5. उत्पादन बेंचने के लिए बिचौलियों पर निर्भरता एवं बाजार की कमी।

अब प्रश्न उठता है कि इन किसानों को कैसे संगठित करके उनकी इन समस्याओं का निदान किया जाये। इसी कड़ी में एक प्रयास है ’’फार्मर्स प्रोड्यूसर आर्गनाइजेशन :FPO’’। आपने बड़ी बड़ी कम्पनियों का नाम सुना होगा। ये सारी कम्पनियां भारत सरकार द्वारा बनाये गये कम्पनी अधिनियम 1956 के अर्न्तगत संचालित होती हैं और भारत सरकार के रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनी द्वारा नियंत्रित होती हैं। इस कम्पनी अधिनियम के अर्न्तगत सरकार द्वारा अपने किसानों को भी अपनी स्वयं की कम्पनी बनाकर व्यवसाय करने का अवसर प्रदान किया गया है। अगर सीधे शब्दों में कहे तो अब किसान हमारा उत्पादक ही नहीं अपितु वह किसान तथा बनिया के रूप में काम कर सकता है। इस प्रकार ’’कृषक उत्पादक कम्पनी कम्पनी अधिनियम, 1956’’ के अर्न्तगत् एक पंजीकृत संस्था है। जिसके निश्चित उद्देश्य और गतिविधियां होती हैं। अब सबसे बड़ी बात कि हमारे किसान भाई कैसे अपनी फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक चरणबद्व प्रक्रिया अपनानी होती है।

सबसे पहले उनको छोटे-छोटे फार्मर्स प्रोड्यूसर ग्रुप या उत्पादक समूह बनाने की जरूरत होती है। उत्पादक समूह एक ऐसे किसानों का समूह है जो एक समान उत्पादन कर रहे हैं। जैसे कई कृषक अनाज, दलहन, तिलहन, सब्जी, फल-फूल, मुर्गी पालन आदि कार्य में संलग्न है। एक ही गतिविधियों से जुडे हुए कृषक जो कार्य कर रहे हैं उनका उत्पादक समूह बनाया जा सकता है। समूह के सारे सदस्य मिलकर के कृषि निवेश व्यवस्था, उत्पादन, भण्डारण और उत्पाद बेचने का कार्य करेंगे और इन समूहों के गठन और संचालन के लिए कुछ सामान्य से नियम बना लेने चाहिए जैसे-उनकी नियमित बैठक करना, बैठकों की कार्यवाही को लिखना, समूह की बातचीत इकट्ठा करना और उसका ब्योरा रखना और उसके बैंक में जमा करना। इस तरह से उत्पादक समूह अपनी गतिविधयां संचालित करेंगे।

इस प्रकार 10-15 कृषक परिवारो को लेकर एक कृषक उत्पादक समहू बनाया जा सकता है और इस प्रकार के चार-पॉच या इससे अधिक समूह एक गॉव में बनाये जा सकते है। इस प्रकार से 15-20 ग्रामों में ऐसे समूह बनाकर और लगभग 1000 किसानों को इकट्ठा किया जा सकता है और इन 1000 किसानों की संख्या होने के बाद एफ0पी0ओ0 के गठन की ओर आसानी से कदम बढाया जा सकता है। यह आवश्यक नहीं है कि संख्या 1000 ही हो यह 500, 600 या 800 भी हो सकती है। लेकिन जितनी ज्यादा संख्या हो उतना ही अच्छा रहता है। सभी उत्पादक समूहो की एक बैठक करके प्रत्येक सदस्य की शेयर होल्डर बनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। अर्थात् अंश धारक बनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उसको कुछ धनराशि एफ0पी0ओ0 के गठन के लिए अंष के रूप में जमा करनी होती है। इस प्रकार से 5 लाख रू0 की धनराशि जमा करना एफ0पी0ओ0 के पंजीकरण के लिए आवश्यक है। इसके पश्चात् एफ0पी0ओ0 के गठन के लिए न्यूनतम 10 या अधिक किसान इकट्ठा करके कृषकों की कम्पनी को बनाया जा सकता है।

Farmer Producer Organizations (FPOs) महत्वपूर्ण बिंदु / Overview

योजना का नाम Farmer Producer Organizations (FPOs)  completely funded by Central Government
आरम्भ की गई भारत सरकार द्वारा इस योजना का आरंभ किया गया, राज्य सरकारों के सहकारी समिति अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत किसान सहकारी सामा समितियां शामिल है।
आरम्भ की तिथि 2021
लाभार्थी भारत सरकार द्वारा एफपीओ के लिए लघु एवं सीमांत किसान तथा भूमिहीन किसान को इसके लिए लाभार्थी होंगे। जो सभी राज्यों में मान्य होगा।
उद्देश्य
  1. भारत सरकार द्वारा किसानों को बढ़ावा देने के लिए एसपीओ का गठन के लिए आगामी 5 वर्षों की अवधि वर्ष 2019-20 से 2023-2024 में 10,000 एफपीओ का गठन किया जाएगा ताकि किसानों को लाभ मिल सके।
  2. भारत सरकार द्वारा प्रत्येक एपीओ को अपनी स्थापना से लेकर 5 वर्ष तक व्यापक रूप से सरकार द्वारा समर्थन प्रदान किया जाएगा यह योजना वर्ष 2027 से 28 तक जारी रहेगी।
योजना का प्रकार केंद्र सरकार की योजना
Official website https://enam.gov.in/web/

PM Kisan Farmer Producer Organizations का उद्देश्य:

  1. भारत सरकार द्वारा किसानों को बढ़ावा देने के लिए एसपीओ का गठन के लिए आगामी 5 वर्षों की अवधि वर्ष 2019-20 से 2023-2024 में 10,000 एफपीओ का गठन किया जाएगा ताकि किसानों को लाभ मिल सके।
  2. भारत सरकार द्वारा प्रत्येक एपीओ को अपनी स्थापना से लेकर 5 वर्ष तक व्यापक रूप से सरकार द्वारा समर्थन प्रदान किया जाएगा यह योजना वर्ष 2027 से 28 तक जारी रहेगी।

PM Kisan Farmer Producer Organizations का लाभार्थी:

भारत सरकार द्वारा एफपीओ के लिए लघु एवं सीमांत किसान तथा भूमिहीन किसान को इसके लिए लाभार्थी होंगे।

PM Kisan Farmer Producer Organizations की विशेषताएं:

  1. एफपीओ भारत सरकार द्वारा योजना चलाई जा रही है।
  2. एफपीओ में कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत (Farmer Producer Companies: FPC) किसान उत्पादक कंपनियां तथा साथ ही राज्य सरकारों के सहकारी समिति अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत किसान सहकारी सामा समितियां शामिल है।

PM Kisan Farmer Producer Organizations की गठन से होने वाले लाभ:-

एफ0पी0ओ0 से किसान भाईयों को मिलने वाले लाभ निम्न हो सकते हैः-

  1. बीज, खाद, कीटनाशक जैसे कृषि निवेशक के लिए एफ0पी0ओ0 कृषि विभाग से लाइसेन्स प्राप्त कर, इनका व्यवसाय कर सकते है। इससे किसान भाई स्वयं गुणवत्तायुक्त, किसी निवेशक उचित मूल्य और सही समय पर व्यवस्था कर सकते है।
  2. एफ0पी0ओ0 को कम्पनियॉं थाके विक्रेता (होल सेलर) भी बनाती है। इन कंपनियों की फ्रेचाइजी लेकर एफ0पी0ओ0 व्यवसाय कर सकते है।
  3. विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत एफ0पी0ओ0 को निम्न सुविधायें दी जाती है।

जैसे

  1. नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन, नेशनल मिशन फार सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, परम्परागत कृषि विकास योजना आदि के अन्तर्गत कलस्टर आधार पर आयोजित होने वाले प्रदर्शनों का लाभ एफ0पी0ओ0 पा सकते है।
  2. फार्म मशीनरी बैंक/कस्टम हायरिंग सेन्टर के अन्तर्गत 40-80% तक की छूट पाकर एफ0पी0ओ0 अपने क्षेत्र में कृषि यंत्रीकरण द्वारा कृषको को सेवायें देकर लाभ कमा सकते है।
  3. न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न खरीद केन्द्र के रूप में एफ0पी0ओ0 को मान्यता मिल सकती है। एफ0पी0ओ0 इसमें कमीशन पाकर स्वयं लाभान्वित होते है और कृषको को भी सुविधा रहती है।
  4. बीजोत्पादन, बीज विधायन, गोदाम निर्माण की योजनान्तर्गत एफ0पी0ओ0 को 60 लाख रू0 तक का अनुदान मिलता है।
  5. नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन/वी0जी0आर0ई0आई0 जैसे योजनाओं के अन्तर्गत मिनी राइसनमिल, दाल मिल, आटा मिल, तेल मिल की स्थापना हेतु मशीनों पर छूट पाकर स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण/मूल्य सम्वर्द्धन का कार्य एफ0पी0ओ0 कर सकते है।
  6. एफ0पी0ओ0 के पास पंजीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध होने की दषा में मण्डी शुल्क में छूट का प्राविधान है।
  7. भारत सरकार द्वारा लागू नये नियमों के अन्तर्गत अब एफ0पी0आ0े सीधे अपना माल उपभोक्ता को बेच सकते है। एफ0पी0ओ0 द्वारा ज्यादा मात्रा में किसी भी कृषि उत्पाद का उत्पादन कर सीधे बड़े-बड़े होटलों, माल्स और बाजार में बेचकर बिचोलियों से बचा जा सकता है।
  8. सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं तथा बड़ी-बड़ी कम्पनियो द्वारा सी0एस0आर0 के अन्तर्गत चलाये जाने वाली प्रशिक्षण कार्यक्रमों प्रदर्शनों का लाभ कृषको को एफ0पी0ओ0 के माध्यम से आसानी से प्राप्त हो जाता है।

PM Kisan FPO के गठन हेतु मूलभूत आवश्यकताएं और दस्तावेज:

      • Aadhaar card
      • Passport Size Photo
      • Pan card
      • Ration card
      • Drive License 
      • Voter id 
      • Passport 

PM Kisan Farmer Producer Organizations का गठन एवं पंजीकरण:

फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी बनाने की चरणबद्ध प्रक्रिया को बिन्दुवार निम्नवत् समझा जा सकता है।

  1. फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी के गठन एवं पंजीकरण के प्राविधान कम्पनी अधिनियम 1956 की धारा 581 सी में वर्णित है।  
  2. उत्पादक कम्पनी का पंजीकरण कराया जा सकता है:-
      • 10 या अधिक व्यक्तियों द्वारा मिलकर जो उत्पादक हो या
      • कोई दो या अधिक उत्पादक संस्थान या
      • 10 या अधिक व्यक्तियों और उत्पादक संस्थानों द्वारा मिलकर

PM Kisan FPO का पंजीकरण:-

एफपीओ/एफपीसी ई-नाम पोर्टल पर वेबसाइट (www.enam.gov.in) या मोबाइल ऐप के माध्यम से या निकटतम ई-नाम मंडी में निम्नलिखित विवरण प्रदान करके पंजीकरण कर सकते हैं:

– एफपीओ/एफपीसी का नाम

– नाम, पता, ईमेल आईडी और संपर्क नं. अधिकृत व्यक्ति की (एमडी/सीईओ/प्रबंधक)

– बैंक खाते का विवरण (बैंक का नाम, शाखा, खाता संख्या। IFSC कोड)

PM Kisan FPO का पंजीकरण:

    • उपयोगकर्ता eNAM पर क्लिक करके पंजीकरण कर सकते हैं।
    • PM Kisan Farmer Producer Organizations loginपंजीकरण पृष्ठ में एफपीओ/एफपीसी को जाकर अपना REGISTRATION कर सकते हैं ।
    • पंजीकरण प्रकार ” को “ एफपीओ/एफपीसी ” के रूप में चुनें और उपयुक्त “एफपीओ/एफपीसी” या राज्य स्तर का चयन करें।
    • उसी में लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्राप्त करने के लिए अपना पासपोर्ट आकार का फोटो और सही ईमेल आईडी प्रदान करें।
    • सफल पंजीकरण  आपके दिए गए ई-मेल आईडी में  एक अस्थायी लॉगिन आईडी  और  पासवर्ड साझा करेगा 
    •  सिस्टम के माध्यम से www.enam.gov.in पर आइकन पर क्लिक करके डैशबोर्ड में लॉग इन करें   ।
    • उपयोगकर्ता को डैशबोर्ड पर एक चमकता संदेश मिलेगा: ” एफपीओ/एफपीसी के साथ पंजीकरण करने के लिए यहां क्लिक करें “।
    • फ्लैशिंग लिंक पर क्लिक करें जो आपको विवरण भरने/अपडेट करने के लिए पंजीकरण पृष्ठ पर पुनर्निर्देशित करेगा।
    • इसे आपके चयनित APMC या SAMB (एकीकृत लाइसेंस के मामले में) के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
    • अपने डैशबोर्ड में सफलतापूर्वक लॉगिन करने के बाद आप ईएनएएम में अधिसूचित वस्तुओं के लिए एपीएमसी में होने वाली आगमन और व्यापार गतिविधियों को देख पाएंगे।
    • उपयोगकर्ता को डैशबोर्ड पर एक संदेश (Message) मिलेगा और लिंक पर क्लिक करें।
    • यह आपको ट्रेडर पर अपना लाइसेंस और केवाईसी विवरण जमा करने के लिए पंजीकरण पृष्ठ पर पुनर्निर्देशित करेगा।
    • आपका विवरण आपके चयनित एपीएमसी द्वारा अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
    • सफलतापूर्वक सबमिट किए गए उपयोगकर्ता को सबमिट किए गए जमा /प्रगति में अनुमोदित वा अस्वीकार किए गए आवेदन की स्थिति की पुष्टि करने वाला एक ईमेल प्राप्त होगा  ।
    • जैसा कि ऊपर बताया गया है, इसकी स्थिति को डैशबोर्ड में लॉगिन करके देखा जा सकता है।
    • एपीएमसी द्वारा अनुमोदित होने के बाद, आपको पंजीकृत ई-मेल आईडी पर ई-एनएएम प्लेटफॉर्म पर पूर्ण पहुंच के लिए स्थायी लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा।
    • एपीएमसी द्वारा सफलतापूर्वक अनुमोदन के बाद ई-नाम ट्रेडर/सीए आईडी और पासवर्ड दिए गए ई-मेल पर भेजा जाएगा।
    • ट्रेडर/सीए दिए गए लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके ऑनलाइन ट्रेड में भाग ले सकते हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Farmer Producer Organizations (FPO) योजना क्या है?

भारत सरकार के रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनी द्वारा नियंत्रित होती हैं। इस कम्पनी अधिनियम के अर्न्तगत सरकार द्वारा अपने किसानों को भी अपनी स्वयं की कम्पनी बनाकर व्यवसाय करने का अवसर प्रदान किया गया है। अगर सीधे शब्दों में कहे तो अब किसान हमारा उत्पादक ही नहीं अपितु वह किसान तथा बनिया के रूप में काम कर सकता है।

PM Kisan FPO क्या है?

भारत सरकार के रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनी द्वारा नियंत्रित होती हैं। इस कम्पनी अधिनियम के अर्न्तगत सरकार द्वारा अपने किसानों को भी अपनी स्वयं की कम्पनी बनाकर व्यवसाय करने का अवसर प्रदान किया गया है। अगर सीधे शब्दों में कहे तो अब किसान हमारा उत्पादक ही नहीं अपितु वह किसान तथा बनिया के रूप में काम कर सकता है।

Farmer Producer Organizations (FPO) योजना किसके लिए हैं?

भारत सरकार द्वारा एफपीओ के लिए लघु एवं सीमांत किसान तथा भूमिहीन किसान को इसके लिए लाभार्थी होंगे। जो सभी राज्यों में मान्य होगा।

Farmer Producer Organizations (FPOs) योजना का लाभ किसे मिलेगा ?

रत सरकार द्वारा एफपीओ के लिए लघु एवं सीमांत किसान तथा भूमिहीन किसान को इसके लिए लाभार्थी होंगे। जो सभी राज्यों में मान्य होगा।

Farmer Producer Organizations (FPOs) योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

इस योजना का आवेदन के लिए Official Portal https://enam.gov.in/web/ वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

Farmer Producer Organizations (FPOs) योजना का लाभ कैसे मिलेगा?

भारत सरकार द्वारा एफपीओ के लिए Official Portal, https://enam.gov.in/web/ वेबसाइट में जाकर आवेदन करना होगा।

Farmer Producer Organizations (FPOs) योजना कब शुरू की गई थी?

2021

Farmer Producer Organizations (FPOs) योजना पात्रता क्या हैं?

भारत सरकार द्वारा एफपीओ के लिए लघु एवं सीमांत किसान तथा भूमिहीन किसान को इसके लिए लाभार्थी होंगे। जो सभी राज्यों में मान्य होगा।

Farmer Producer Organizations (FPOs) योजना रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कैसे करे?

भारत सरकार द्वारा एफपीओ के लिए Official Portal, https://enam.gov.in/web/ वेबसाइट में जाकर आवेदन करना होगा।

Farmer Producer Organizations (FPO) योजना Toll Free No. क्या हैं?

1800 270 0224

Farmer Producer Organizations (FPO) योजना Contact number क्या हैं?

Small Farmer's Agri-Business Consortium, Department of Agriculture, Cooperation & Farmers' Welfare, Ministry of Agriculture and Farmers' Welfare, Government of India,,,,,,,,, PhoneNCUI Auditorium Building, 5th Floor, 3, Siri Institutional Area, August Kranti Marg, Hauz Khas,New Delhi - 110016.,,,,,,,,,,,,, Toll Free No.: 1800 270 0224,,,,,,,,,, Fax+91-11- 26862367,,,,,,,,,,,,, Email id- nam@sfac.in,,,,,,,,,,, ena.helpdesk@gmail.com,,,,,,,,,,,

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